आईपीओ में आवेदन से पहले कौन सी बातें ध्यान में रखें?

IPO Kya Hota Hai? आईपीओ क्या होता है in Hindi?

आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) स्टॉक हैं जो नए जारी किए जाते हैं। चूंकि वे नए हैं, जिसका अर्थ है कि उनका स्टॉक एक्सचेंज में कारोबार नहीं किया गया है, इसका मतलब है कि जिन फर्मों या कंपनियों के पास ये आईपीओ हैं, उन्हें नियमित स्टॉक के रूप में ज्यादा जांच व विश्लेषण नहीं किया गया है एवं जिसके लिए सभी जानकारी कई जगहों पर आसानी से उपलब्ध है।

कोई ऐसा डेटा ( जैसे वार्षिक रिपोर्ट, बाजार विश्लेषकों की रिपोर्ट आदि ) उपलब्ध नहीं है जो आमतौर पर वर्तमान स्थिरता और भविष्य के विकास की भविष्यवाणी के लिए उपयोग किया जाता है।

कुछ लोगों के लिए, यह कम कीमतों पर स्टॉक खरीदने का एक शानदार अवसर हो सकता है, कुछ अन्य लोगों के लिए यह एक जोखिम भरा मौका हो सकता है। अब हम आपका निर्णय लेने से पहले विचार किए जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण मापदंडों की जांच करेंगे।

पहले तो यह आपको जानना जरूरी है कि आप इस आईपीओ में छोटे समय के लिए निवेश कर रहे हैं या लंबे समय के लिए।

अगर आप शॉर्ट टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं तो आप आईपीओ में तीसरे दिन का वेट करें और देखें कि क्या आईपीओ 20 गुना से ज्यादा और सब्सक्राइब हुआ है या नहीं। अगर हुआ है, तो आप भी इस आईपीओ में अप्लाई कर सकते है। जिससे लिस्टिंग डेट पर आप 40% से 50% मुनाफा कमा के बाहर उस आईपीओ से निकल सके।

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“क्या मेरे पास दो डीमैट खाते हो सकते हैं”

लेकिन, यदि आप आईपीओ में निवेश करके पैसा कमाना चाहते है तो ये आवश्यक है की आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना चाहिये तभी आप शेयर बाजार तथा आईपीओ दोनों में निवेश कर सकते है।

इसी कड़ी में मै आपको बताना चाहता हूँ की आप केवल इस मोबाइल अप्लीकेशन के माध्यम से अपना डीमैट अकाउंट खुलवा सकते है और इस कंपनी को रतन टाटा सर का मेंटरशिप प्राप्त है। इंडिया का न. वन डिपॉजिटरी पार्टीसिपेंट का गौरव प्राप्त है। UPSTOX में अब अपना डीमैट खाता खुलवा सकते है। UPSTOX का बेहतरीन एंड्राइड तथा IPHONE एप्लीकेशन है जिससे आप बहुत ही आसानी से शेयर मार्केट में खरीद बिक्री कर सकते है। UPSTOX का एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिये यहाँ क्लिक करें।

अब बात कर लेते हैं लॉन्ग टर्म की, तो दिखे लॉन्ग टर्म में निवेश करने के लिए आपको कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है जैसे कि कंपनी के पिछले सालों में प्रॉफिट कितना कमाया है, कंपनी आगे जाके क्या करेगी, और कंपनी के प्रमोटर कौन लोग हैं। क्या कंपनी का कोई कंपटीशन है मार्केट में? हैं तो कौन हैं? नहीं हैं तो क्यों नही हैं? ये सारी बातें।

IPO में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप जिस राशि को IPO के लिए सब्सक्राइब कर रहें है वह कुछ पैसा कुछ समय के लिए ब्लाक हो जाएगी, पर उस कंपनी के शेयर आपको मिल जाएगे, इस बात की कोई गारंटी नही होती है।

जो अच्छी कंपनियां है, उनके IPO पहले ही दिन से ओवर सब्सक्राइब हो जाते है, इसलिए उनमे हिस्सेदारी मिलना मुश्किल हो जाता है तथा जो कमजोर कंपनी है उनकी लिस्टिंग भी इश्यू प्राइस से नीचे होती है, जिसमे आपको शेयर मिलने के बाद आपको उसमे हानी होने की पूरी सम्भावना होती हैं। तो इसलिए मे इसको सब्सक्राइब नही करता हू।

जाने कुछ ऐसे मापदंड जो आईपीओ का उचित मूल्यांकन करने में मदद करते हैं

आइए हम ऑनलाइन स्रोतों (ब्लॉग के अंत में उल्लिखित स्रोतों) से लिए गए कुछ आँकड़ों के साथ शुरूआत करें। वैश्विक महामारी के पहले वर्ष में, भारत में निवेश बाजार में 12 करोड़ से अधिक नए निवेशकों को जोड़ा गया था। उसी वर्ष, 2020 में 43 से अधिक आईपीओ लॉन्च किए गए थे, जिनमें से कुछ को 100 से 150 बार ओवर सब्सक्राइब किया गया था, जिसमें कुल $4 बिलियन से अधिक की वृद्धि हुई थी।

यह अविश्वसनीय बढ़ौतरी 2021 तथा 2022 में जारी रहने की उम्मीद है। बाजार में इतने सारे विविध आईपीओ के साथ, यह तय करना स्वाभाविक है कि क्या वह विशेष आईपीओ आपके विशिष्ट निवेश करंने के लक्ष्य के लिए सबसे उपयुक्त है या नहीं।

आइए हमलोग लाभदायक निवेश निर्णय लेने वाले आईपीओ का मूल्यांकन करने के तरीके को समझने में कुछ महत्वपूर्ण मापदंडों की जानकारी लेते है ।

1. मूल्यांकन पैरामीटर्स

आईपीओ का मूल्यांकन कैसे करें? यह कई निवेशकों के दिमाग में आम तौर पर उठने वाला सवाल है। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, प्रचलित जानकारी और ट्रैक रिकॉर्ड की कमी के कारण यह एक कठिन काम हो सकता है। ध्यान में रखने वाले कुछ महत्वपूर्ण कारक हैं:

2. कंपनी प्रॉस्पेक्टस:

ज्यादातर कंपनियां अपने आईपीओ के लॉन्च से पहले अपने प्रॉस्पेक्टस को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराती हैं। इसमें, आमतौर पर, उनके व्यवसाय की जानकारी (एलओबी), वर्तमान संचालन, भविष्य के प्रोजेक्ट आदि के बारे में जानकारी शामिल होती है, इसे आमतौर पर रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के रूप में भी जाना जाता है। मौजूदा कंपनी की वार्षिक रिपोर्टों की कमी के कारण, यह प्रॉस्पेक्टस भविष्य में निवेश करने वालों के लिए कंपनी के व्यवसाय मॉडल और प्रत्याशित रणनीतियों के माध्यम जानकारी प्राप्त करने का एक अच्छा स्रोत हो सकता है। कंपनी के समाचार, विकास, संरचना के बारे में ऑनलाइन या ऑफलाइन जानकारी के साथ इसे जोड़ा जाना चाहिए।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक प्रॉस्पेक्टस में कोई भी नकारात्मक जानकारी शामिल होने की संभावना नहीं है जो आपके निवेश निर्णय को लेकर आपका विचार बदल सकती है। इसलिए स्वयं इसका फैसला करना अत्यंत आवश्यक है।

3. मैनेजमेंट टीम:

उपर्युक्त चर्चा की कड़ी में कंपनी के संचालन का प्रदर्शन देखना इतना आसानी से उपलब्ध नहीं हो सकता है। परंतु प्रबंधन टीम के ट्रैक रिकॉर्ड पर शोध किया जा सकता है। यह जानकारी जुटाना महत्वपूर्ण है कि क्या यह उस कंपनी का मैनेजमेंट कार्यप्रणाली को चलाने में सक्षम जिसमें आप निवेश करने का इरादा रखते हैं। उनकी उपलब्धियों के बारे में पढ़ने से आपको उस दिशा के बारे में जानकारी देने में भी मदद मिल सकती है जिसे वे लेने की उम्मीद कर रहे हैं।

4. आईपीओ इश्यू साइज और कीमत का परिमाण:

प्रॉस्पेक्टस जारी करने के बाद, कंपनी से इश्यू के आकार और संबंधित मूल्य बैंड से संबंधित विवरणों की घोषणा करने की उम्मीद की जाती है। एक मूल्य बैंड अपेक्षित सीमा अधिकतम और न्यूनतम कीमतों के बीच की सीमा है जिसके भीतर शेयर बेचने की कीमत निश्चित होने की उम्मीद की जाती है।

5. बिजनेस एसोसिएटेड रिस्क: बिजनेस से जुड़ा रिस्क

यह माना जाता है की कंपनी जिस व्यवसाय में है, उससे जुड़े जोखिमों के बारे में अच्छी तरह से जान ले । चाहे कानूनी मुकदमे हों, कार्रवाई या संचालन के क्षेत्र से संबंधित अन्य जोखिम हों; यह जानकारी आपको आगे बढ़ने या आईपीओ को दूर करने का निर्णय लेने में मदद कर सकती है।

आईपीओ की संक्षेप में जानकारी

बेशक यह पूरी सूची नहीं है। जितना अधिक आप अपनी खोज और उचित परिश्रम की ओर ध्यान लगाएंगे उतने अधिक ध्यान देने योग्य पहलुओं पर ध्यान देंगे। अनिवार्य रूप से, पुरानी कहावत “खरीदार खबरदार” पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सभी विचारों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसके अलावा, आपके निर्णय को आधार बनाने के लिए विस्तृत प्रदर्शन से संबंधित जानकारी या ऐतिहासिक डेटा की कमी के कारण प्रत्येक आईपीओ को एक निश्चित विश्वास के साथ लॉन्च किया जाता ।

निवेशक को रणनीति से प्रभावित न होने और सत्य से जुड़े योग्य तथ्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सावधान रहने की आवश्यकता है। अधिकांश विशेषज्ञों के अनुसार, लिस्टिंग लाभ प्राप्त करने के इरादे से निवेश करने से बचना है। हालांकि आईपीओ इस समय चर्चित बात हो सकती है और कई बार सब्सक्राइब हो सकती है, लेकिन जरूरी नहीं कि यह सूचीबद्ध होने के साथ ही आनुपातिक लाभ की गारंटी दे। इस प्रकार, सुरक्षित रिटर्न अर्जित करने के लिए उचित मूल्य को ध्यान में रखना उचित है।

इस लेख के साथ, हम आशा करते हैं कि निवेश करना है या नहीं, यह तय करने से पहले कि हम आईपीओ का मूल्यांकन कैसे करें, इस बारे में पाठकों को पर्याप्त जानकारी प्रदान करने में सक्षम होंगे।

हमें आशा है कि हमने IPO Kya Hota Hai, से जुड़े आपके सवालों के जवाब हमने विस्तार पूर्वक देने का भरपूर कोशिश किया है। जो आपको अधिक फायदा देगा। आप इस पोस्ट को शेयर करना बिल्कुल ना भूलेंगे।

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